गंधक देवी पार्वती का साक्षात् स्वरूप है। यह एक शक्तिशाली औषधि है। इसकी तासीर गर्म होती है। इसे घी, दूध, त्रिफला क्वाथ और भृंगराज के रस में शुद्ध करके औषधियों में प्रयोग किया जाता है। गंधक से हर रोग ठीक हो सकता है। इसका प्रयोग आमतौर पर एक्जिमा, रक्त शोधन, खुजली, त्वचा संक्रमण, पेट दर्द, शारीरिक दुर्बलता, मानसिक दुर्बलता, अपच, सोरायसिस, कुष्ठ रोग, लकवा, कैंसर, दमा, खांसी-जुकाम, भगंदर, नपुंसकता आदि में किया जाता है। इसमें घातक रोगों को ठीक करने की क्षमता है। यह एक जादुई कटोरा है और सभी रोगों की रामबाण दवा है। गंधक का कटोरा 80 प्रकार के वात रोग, 40 प्रकार के पित्त रोग और 20 प्रकार के कफज रोग को ठीक कर सकता है। इस कटोरे के परिणाम अद्भुत हैं।
इसका उपयोग कैसे करें - एक बर्तन में दूध उबालें और उसे सल्फर की कटोरी में डालें। 10 मिनट बाद दूध निकालकर खाली पेट पिएँ। दही, खीरा, कच्चा आम, नींबू और ऐसी चीज़ें जिनमें सिट्रिक एसिड की मात्रा ज़्यादा हो, उनका सेवन न करें। इसकी तासीर बहुत गर्म होती है, इसलिए रोगी को घी और दूध ही लेना चाहिए। 60 दिनों में आपको स्वास्थ्य लाभ दिखाई देगा। यह कटोरी टूटने वाली होती है, इसलिए इसे सावधानी से संभालें। दूध पीने के बाद कटोरी को किसी सुरक्षित जगह पर रख दें। आपकी सभी समस्याओं का इलाज सिर्फ़ सल्फर की कटोरी है।